भोपाल ! एमपी के मऊगंज जिले में एक पटवारी पर गुंडे ने डंडे से कातिलाना हमला कर एक हाथ तोड़ दिया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा पंजीबद्ध कर लिया है लेकिन खबर लिखे जाने तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है उधर पटवारी संघ ने भी घटना पर आक्रोश जताते हुए कलमबंद हड़ताल की चेतावनी दी है इसके अलावा विधायक प्रदीप पटेल ने भी घटना को शर्मनाक करार देते हुए आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार करने पुलिस अधिकारियों से चर्चा की है जबकि पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह ने आरोपी को बचाने तमाम कोशिश की मगर नाकाम रहे. इस संबंध में हासिल व्योरे के मुताबिक हनुमना तहसील के शाहपुर हल्का पटवारी रामबक्श साकेत तनय रामभजन साकेत 58 वर्ष 30 जनवरी की शाम 5 बजे ग्राम पंचायत भवन में सरकारी नक्शा तरमीम का प्रतिवेदन बना रहे थे उसी वक़्त हर्दी नंबर 1निवासी शुभम सिंह तनय अशोक सिंह आया और बोला मेरा काम नहीं कर रहे. पटवारी ने कहा आज व्यस्त हूं आप काम बताइये कर दूंगा इसके बाद शुभम ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर पटवारी को माँ, बहन की गाली दी और डंडे से पीटना शुरू कर दिया. मौके पर मौजूद सरपंच तुलसीदास चौधरी, शंकर कोल, प्रेमलाल चौधरी व अन्य लोगों ने बीच बचाव किया. आरोपी 100 फुट नीचे गाड़ देने की धमकी देकर चला गया. इस घटना में पटवारी का बाया हाथ टूट गया. इससे पहले भी वर्ष 2020 में शुभम सिंह ने मारपीट की वारदात को अंजाम दिया था जिसका मुकदमा शाहपुर थाने में दर्ज है ।
बचाव में आए पूर्व विधायक
बताया गया है कि अपने चहेते शुभम को बचाने पूर्व विधायक ने हनुमना तहसीलदार को फोन किया और साधारण धारा लगाकर मामले को दबाने का दबाव बनाया लेकिन तहसीलदार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली.
विधायक ने कहा होगी सख्त कार्यवाई
विधायक प्रदीप पटेल ने कहा घटना दुर्भाग्यपूर्ण है उन्होंने इसकी निंदा करते हुए कहा जिले में किसी अधिकारी या कर्मचारी के साथ कोई बेवजह गुंडागर्दी करेगा तो उसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा इस मामले में पुलिस सख़्ती से कार्यवाई करेगी.
पटवारी संघ करेगा कलमबंद हड़ताल
मध्यप्रदेश पटवारी संघ तहसील हनुमना के अध्यक्ष प्रशांत कुमार मिश्रा ने एसडीएम को ज्ञापन देकर पटवारियों की सुरक्षा की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि अगर दो दिन के अंदर आरोपी सलाखों के अंदर नहीं पहुंचा तो कलमबंद हड़ताल की जाएगी जिसकी जबावदेही प्रशासन की होगी.
एक माह में दूसरी घटना
बता दें जिले के हनुमना तहसील के अंदर पटवारी के साथ यह दूसरी घटना है इससे पहले मिसिरगवां हल्का की पटवारी किरण मिश्रा के साथ मनमानी तरीके से नक्शा तरमीम कराने का दबाव बनाने वाले शुभेन्दु तिवारी ने भी उनके हाथ से सरकारी दस्तावेज छीनकर बदतमीजी की थी और तबादला कराने की धमकी दी थी तब भी संघ ने पीड़िता की तरफ से कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को ज्ञापन देकर कार्यवाई की मांग की थी लेकिन तब कलेक्टर ने दबाव बनाकर पटवारी को थाने में रिपोर्ट नहीं करने दिया था. साफ जाहिर है कि अगर प्रशासन उसी घटना में एक्शन मोड पर आ जाता तो यह घटना न होती. इस जिले में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिसमें बाड़ी को खेत खाते देखा गया है.
