भोपाल। मध्यप्रदेश के मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल ने बजट सत्र में जिले के विभागों में हुए भ्रस्टाचार को लेकर सवालों की झड़ी लगा दी है. विधायक के प्रश्नों के जवाब देने में सभी विभाग रात – दिन एक किए हुए हैं क्योंकि जवाब देने की समय सीमा तय है. जानकारी के मुताबिक विधायक ने अतारांकित प्रश्न के माध्यम से पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री से प्रश्न किया है कि मऊगंज जिले की हनुमना और मऊगंज जनपद में कितने वेंडर रजिस्टर्ड हैं? प्रदीप पटेल यह भी जानना चाह रहे कि वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक किन – किन वेंडरों को कौन – कौन से काम दिए गए? उन्होंने कार्यवार सूची भी मांगी है. इसके अलावा विधायक ने सवाल किया कि जिन वेंडरों को काम दिया गया उनको किन – किन तारीखो में कितनी -कितनी राशि का भुगतान किया गया है? ऐसे कितने काम हैं जिनका भुगतान काम होने से पहले कर दिया गया और ऐसे कितने कार्य हैं जिनका भुगतान दो या तीन साल बाद किया गया? विधायक ने कारण और नियम भी जानना चाहा है. जानकार बताते हैं कि इस प्रश्न से फर्जी वेंडरों की हालत खस्ता है साथ ही भुगतान को लेकर भी अधिकारी और वेंडर हलाकान हैं.
